IND vs ZIM: चेन्नई में अभिषेक-हार्दिक का तूफान, भारत ने बनाया T20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। इस करो या मरो वाले मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 256 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। 

अभिषेक शर्मा और हार्दिक पांड्या जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बल्लेबाजी करते हुए

इससे पहले भारत का उच्चतम स्कोर 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया गया 218 रन था, जिसे आज के मैच में हार्दिक पांड्या और अभिषेक शर्मा की तूफानी पारियों ने पीछे छोड़ दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने आज अपनी सलामी जोड़ी में बड़ा बदलाव किया और अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन को मैदान पर उतारा। इन दोनों बल्लेबाजों ने टीम को तेज शुरुआत देते हुए मात्र 22 गेंदों में 48 रनों की साझेदारी कर दी।

अभिषेक शर्मा के लिए यह पारी किसी संजीवनी से कम नहीं थी, क्योंकि टूर्नामेंट की पिछली पांच पारियों में वे लगातार संघर्ष कर रहे थे और उनके नाम तीन शून्य (ducks) भी दर्ज थे। हालांकि, आज उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए मात्र 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 55 रनों की शानदार पारी खेली। उनके अलावा ईशान किशन ने 38 और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 13 गेंदों में 33 रनों का आक्रामक योगदान दिया। 

मध्यक्रम में तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर धुलाई की। अंतिम ओवरों में तिलक वर्मा के गगनचुंबी छक्कों और हार्दिक पांड्या की तेजतर्रार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने आखिरी 5 ओवरों में रनों का अंबार लगा दिया। तिलक वर्मा ने रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी जैसे अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के चारों ओर शॉट लगाए, जिससे भारत 250 के आंकड़े को पार करने में सफल रहा।

दूसरी ओर जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा का टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला पूरी तरह गलत साबित हुआ। चेन्नई की पिच पर जहां स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद थी, वहां भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गेंदबाजों को निशाने पर लिया। जिम्बाब्वे की ओर से रिचर्ड नगारवा और तिनोटेंडा मापोसा ने विकेट तो लिए लेकिन वे बेहद महंगे साबित हुए। 

मैच के दौरान जिम्बाब्वे की खराब फील्डिंग ने भी भारत की राह आसान कर दी, जहां सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन जैसे खतरनाक बल्लेबाजों के कैच छोड़े गए। दक्षिण अफ्रीका द्वारा वेस्टइंडीज को हराने के बाद भारत के लिए यह मैच जीतना सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए अनिवार्य हो गया था और बल्लेबाजों ने अपना काम बखूबी कर दिया है।

अब भारतीय गेंदबाजों के पास 256 रनों का विशाल बचाव करने की जिम्मेदारी है। चेन्नई में ओस (dew) एक बड़ी चुनौती हो सकती है, जिससे निपटने के लिए स्टेडियम प्रशासन 'Dew Cure' नामक विशेष केमिकल का उपयोग कर रहा है। भारत के पास जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे धारदार गेंदबाज हैं, जबकि स्पिन विभाग में वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल जिम्बाब्वे के मध्यक्रम को रोकने की कोशिश करेंगे। अगर भारतीय टीम इस मैच को बड़े अंतर से जीतती है, तो सेमीफाइनल में पहुंचने की उनकी राह लगभग पक्की हो जाएगी। पूरे देश की निगाहें अब भारतीय गेंदबाजों पर टिकी हैं कि वे इस बड़े लक्ष्य का बचाव कैसे करते हैं।


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