रणजी ट्रॉफी 2025-26: जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक को हराकर पहली बार रचा इतिहास, जीता पहला खिताब

यह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के इतिहास का सबसे सुनहरा दिन है, क्योंकि राज्य की टीम ने हुबली में खेले गए फाइनल मुकाबले में आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया है।

रणजी ट्रॉफी 2026 विजेता जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ट्रॉफी के साथ जश्न मनाते हुए

28 फरवरी 2026 को केएससीए राजननगर स्टेडियम में समाप्त हुए इस पांच दिवसीय मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी के आधार पर 291 रनों की विशाल बढ़त हासिल की, जिसके चलते उन्हें विजेता घोषित किया गया। मैच के अंतिम दिन जब खेल समाप्त हुआ, तब जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों का जश्न देखने लायक था। 

इस जीत के साथ ही जम्मू-कश्मीर भारत का 19वां ऐसा राज्य बन गया है जिसने घरेलू क्रिकेट के इस सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीता है। पिछले साल केरल के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली मामूली हार के बाद यह टीम के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि और 'Sweet Redemption' की तरह है।

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इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक तेज गेंदबाज आकिब नबी (Auqib Nabi) रहे, जिन्होंने कर्नाटक की मजबूत बल्लेबाजी को पहली पारी में तहस-नहस कर दिया। आकिब नबी ने मैच में 54 रन देकर 5 विकेट झटके और इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही वह इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाज (Highest Wicket-taker) बन गए। 

उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कुल 60 विकेट चटकाए हैं, जिसके बाद अब उन्हें भारतीय राष्ट्रीय टीम (National Team) में शामिल करने की मांग भी तेज हो गई है। गेंदबाजी के अलावा बल्लेबाजी में भी टीम ने कमाल का प्रदर्शन किया। शुभम पुंडीर और कमरान इकबाल ने फाइनल जैसे बड़े मंच पर अपने करियर का पहला शतक जड़ा, जिसकी बदौलत जम्मू-कश्मीर ने 584 रनों का अपना इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया।

टीम की इस सफलता के पीछे उनके कप्तान और अनुभवी खिलाड़ी पारस डोगरा (Paras Dogra) का भी बहुत बड़ा हाथ है। 41 साल के डोगरा, जो रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 10,000 से अधिक रन बनाने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी हैं, के लिए यह खिताब उनके करियर का सबसे यादगार पल बन गया है। 

उन्होंने इस पूरे सीजन में 637 रन बनाए और मुंबई व दिल्ली जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ शानदार शतक लगाकर अपनी टीम को नॉकआउट तक पहुंचाया। वहीं, आईपीएल स्टार अब्दुल समद (Abdul Samad) ने भी इस साल अपनी प्रतिभा के साथ न्याय करते हुए 748 रन बनाए और टीम के टॉप स्कोरर रहे। उनकी इस मैच्योर बल्लेबाजी ने टीम के मध्यक्रम को काफी मजबूती दी।

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जम्मू-कश्मीर के इस सफर की खास बात यह रही कि उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश को इंदौर में और सेमीफाइनल में बंगाल को कल्याणी में उनके घर में ही मात दी। फाइनल मैच के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) भी स्टेडियम में मौजूद थे और उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। 

पूर्व कप्तान परवेज रसूल ने इस जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि एक समय था जब जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट को कोई गंभीरता से नहीं लेता था, लेकिन आज यह टीम देश की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक बन गई है। यह जीत न केवल टीम के लिए, बल्कि घाटी के उन हजारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो क्रिकेट में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।


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